Home ज़रा सोचो ज़रा सोचो –तू अपनी चिन्ता कर

ज़रा सोचो –तू अपनी चिन्ता कर

0 second read
0
0
1,038

‘तू  अपनी  चिन्ता  कर ‘ , ‘तुझे  छोड़’ ‘ तेरी  चिन्ता ‘  ‘किसी  को  नहीं’  ,

‘घर’ , ‘व्यापार’ , ‘कौन  संभालेगा’ ?  ‘ इसी  उधेड बीन  में  जीता  है  तू ‘,

‘जिस  मोड  पर  तू ‘ ‘अपने  सही  से’  ‘मिल  जाएगा ‘, ‘ बदल  जाएगा ‘,

‘इस  लोभ  को’ -‘ चिंतन  कहते  हैं’ , ‘धुन  की  तरह  खा  जाएगी  तुझे ‘ |

Load More Related Articles
Load More By Tarachand Kansal
Load More In ज़रा सोचो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

[1] जरा सोचोकुछ ही ‘प्राणी’ हैं जो सबका ‘ख्याल’ करके चलते हैं,अनेक…