Home ज़रा सोचो “हमारे देश में “

“हमारे देश में “

0 second read
0
0
1,119

” हमारे देश में ” :-
“बलात्कार’,’गंगरेप’,’अपहरण’,’हत्या’ ,’मानसिक प्रदूषण नहीं’ तो ‘और क्या है ‘ ?
‘ क्या  वैश्यालयों  में  बंद  बेटियां  नहीं  होती ‘,’क्या  यह  देश की  पीड़ा  नहीं  है ‘,
‘ खाली  कानून  बना  कर  मूर्ख  बनाते   हैं ‘,’ कानून  का  पालन  होता  ही  नहीं ‘,
“देश  का  सब  कुछ  बिकाऊ  है  ‘ ,”  प्रशासन   का  मुर्गा  बनाने  की  जरूरत  है “,

Load More Related Articles
Load More By Tarachand Kansal
Load More In ज़रा सोचो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

[1] जरा सोचोकुछ ही ‘प्राणी’ हैं जो सबका ‘ख्याल’ करके चलते हैं,अनेक…