Home कविता सदा ‘ दिल और दिमाग ‘ दोनों का सदुपयोग करो !

सदा ‘ दिल और दिमाग ‘ दोनों का सदुपयोग करो !

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‘दिल’ और ‘दिमाग’ ‘दोनों का’ ‘,पूरा सदुपयोग ‘ करना चाहिए ,
‘सिर्फ  एक  का  प्रयोग  किया’ ,तो  ‘नैया’ ‘जल्दी  डूब  जाएगी ‘ |

 
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