Home कविताएं प्रेरणादायक कविता संतोष धन ही धन है बाकी वो जाने —

संतोष धन ही धन है बाकी वो जाने —

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‘जितना धन’ ‘अधिक जोड़ोगे’,’उसके कुचक्र’ मे ‘फसते’ चले जाओगे ,
‘लालच’ बढ़ेगा,’चिंता ‘ बढ़ेगी, ‘निंद्रा ‘ भागेगी, ‘मन’ ‘चिंतामय ‘ हो जाएगा ,
‘जितना भी कमाओ’- ‘सत्कर्म मे लगाओ’ ‘ जिस पर’ ‘तुम्हें गर्व हो’ ,
यदि ‘संतोष धन ‘ ‘कमा लिया ‘,तो ‘दुनिया के’ ‘सबसे धनी’ ‘ तुम होंगे ‘ |

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