Home कविताएं प्रेरणादायक कविता ‘वक्त की धारा के विपरीत बहने का हुनर भी सीखो ‘ !

‘वक्त की धारा के विपरीत बहने का हुनर भी सीखो ‘ !

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समस्याएँ ” “हमारी अपनी  गल्तियों के  कारण  जन्म  लेती  हैं ” ,
“छणिक गल्ती” “दुष्प्रभाव  डाल  कर “, ” विचलित  कर  देती  हैं” ,
“प्रतिकूल  समय  में ‘ ‘ खुद  को  व्यवस्थित  करो  और  संभालो ” ,
“एकदिन वक्त की धारा के विपरीत बहने का’ “हुनर सीख जाओगे” |

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