Home धर्म ‘भूल के लिए’-‘ छमा और ग्लानि से मुक्ति दिलाना’ धर्म है

‘भूल के लिए’-‘ छमा और ग्लानि से मुक्ति दिलाना’ धर्म है

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” परिस्थितियाँ  और  अज्ञान” ‘गलतियाँ  करवा  ही  देता  है’,स्वभाविक   है’

‘ऐसी गल्तियों  पर’ ‘दूसरों  को’ या ‘खुद  को ‘ ‘सज़ा  देने  का  हक  नहीं  हमको’,

‘रोजाना हम  कितनों को  छमा करते है ‘ और ‘ कितनों से  छमा  प्राप्त  करते  हैं  ‘,

‘अनेकों  को  ग्लानि  भाव  से  मुक्त  करते  है’ , और ‘ खुद  भी  मुक्त  होते   हैं ‘ ,

‘किसी को’ , ‘भूल के लिए छमा ‘ और’ ग्लानि से मुक्ति  दिलाना ‘ ‘परोपकार  है ‘ ,

‘क्यों न  यह प्रक्रिया  अपनाई  जाए ‘ ? ‘जीवन को और  खूबसूरत  बनाया  जाए ‘ | 

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