Home कविता ‘पास या फेल होना’ , ‘सोच की व्यवस्था कमजोर थी ‘ |

‘पास या फेल होना’ , ‘सोच की व्यवस्था कमजोर थी ‘ |

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लोग   किसी   काम   को   सिद्ध   न  होने   पर  किस्मत   को   दोष  देते   हैं  ,

यदि   काम  हो  जाए  तो  अपने  को  महान  बताते  हैं ,दोषों  को  छिपाते  हैं  ,

स्कूल   एक ,  किताब  एक , टीचर  एक , फिर   भी   एक   पास   एक   फेल  ,

एक   ने   पूरी   तैयारी   की , दूसरे   ने   अधूरी  , सिर्फ  व्यवस्था  खराब  थी  |

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