Home धर्म ‘शांति प्रिय व्यक्ति पर’ ‘ उतार-चढ़ाव का ग्रहण’ ‘असर नहीं करता’

‘शांति प्रिय व्यक्ति पर’ ‘ उतार-चढ़ाव का ग्रहण’ ‘असर नहीं करता’

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‘शांति प्रिय व्यक्ति पर’ ‘ उतार-चढ़ाव का ग्रहण’ ‘असर नहीं करता’ ,
‘वह कभी सुख मे खोता नहीं’ , ‘दुःख मे घबराता नहीं ‘,
‘उसका मन’ ‘आठों पहर’ ‘परमात्मा के साथ जुड़ा रहता है’ ,
‘वह दुःख मे भी’ ‘सुख अनुभव करने की’ ‘कला सीख जाता है’ |

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