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देशप्रेम का अकाल

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‘देश   मैं’  ‘ अनेकों    माल्या    हैं ‘   जो   ‘ उसकी    तर्ज़     पर     काम    करते    हैं ‘ ,

‘न   जाने    कब’ ,  ‘ कहाँ ‘ ,’निर्गमन   कर   जाएँ ‘ ,’ देश   की   दौलत  डकार   कर ‘ ?

‘कानून     कमजोर ‘ ,  ‘ उसकी    पकड़    कमजोर ‘ ,  ‘ सरकारी    रफ्तार    ज़ीरों ‘,

‘मेरे    खुदा ‘  !  ‘ हाय    कंजर्फ ‘   ‘ पैदा     हो    रहे    हैं ‘  ‘ देश    मैं    चारों    तरफ ‘ |

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