Home कविताएं “जिंदगी के कुछ विशेष अहसास ” 10 छंद !

“जिंदगी के कुछ विशेष अहसास ” 10 छंद !

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“दिल्लगी दिल से ही होती है “,” लोग मौत को गले लगाने से भी नहीं डरते “,
“कुछ ऐसी करो दिल की लगी “, ” हर इंसान को प्यारी लगने लगे दिल से ” |

{2}

“युवाओं  का  नशे  की  दलदल  में  फंसना “, ” देश  और समाज  को चुनौती  है “,
“कोटपा एक्ट ” के तहत ” तंबाकू  उत्पादों  का  विज्ञापन” ” कानूनी अपराध  है “,
“तंबाकू उत्पादों को धड़ल्ले से बेचते दूकानदारों पर ” “कार्यवाही क्यों नहीं होती “?
“तंबाकू  कंट्रोल  कार्यक्रम” “अपने   देश   में” “सख्ती  से  लागू  क्यों  नहीं  होते ” ?

{3}

” असफलताओं  से  घबरा  कर  घर  बैठ  गया  ” ,” गजब  इंसान  है  ‘,
“आखरी  दांव  भी आजमा  लेता “, “तो  शायद  कामयाब  हो  जाता “|

{4}

“यह  मत  सोच  की  ” ” एक  चना  भाड़  भून  ही  नहीं  सकता “,
” सूरज   भी  अकेला   है  “, ”  सारी  दुनियाँ   रोशन   है   उससे  ” |

{5}

“माँ – तुम्हारी  तोतली  भाषा  समझ  “,” जो  चाहता  था  ला  देती  थी “,
“तू  अब  हर  बात  पर  माँ  से  कहता  है “,” माँ – आप  नहीं समझोगी “,
“आधुनिकता  ने  तुझे  ढीठ  बना  डाला “,” प्रेम  की  भाषा  बदल  डाली “,
“काश ! माँ  के  स्नेह  की  कीमत  पता  होती”,”यूं  बेज्जत  नहीं  करता ” |

{6}

“रात कितनी भी गलत बीते”,”प्रातः का मुस्करा कर ही इस्तकबाल करो” ,
” मुस्कराते   ही   घर  से  निकलो  ” ,” मुस्कराते   हुए   ही  घर  में  घुसो  ” |

{7}

“सफलता की ट्रेन में” ‘कड़ी-मेहनत’, ‘एकाग्रता’, ‘निपुणता’ और ‘भाग्य’ ‘जुड़े होते हैं’ ,
‘उन्हें  आगे  बढ़ाने  के  लिए ‘,’ खुद  पर  विश्वास  का  इंजिन’ ‘लगाने  की  जरूरत है ‘ |

{8}

” दूसरों   द्वारा  परिभाषित ” ” जीवन  की  परिभाषा  मत  मानो ” ,
“जीवन  तुम्हारा  है”,”अपने  व्यवहार  से  खुद  परिभाषित करो “|

{9}

वक्त को याद रखना चाहिए” :-

“वक्त  का  आगाज  गजब  है “, ” कोई  सोच  भी  नहीं  सकता “,
“जिस राम को राज तिलक होना था”,”बनवास में पहुंचा दिया” |

{10}

” अगर  सात  फेरे ” ”  मुहब्बत  से  सरोबर  होते ” ,
“न दिल टूटते”,” न तलाक के किस्से  सुनाई  देते” ,
” हर  रिस्ता  अब  सिर्फ जज़्बातों  का  जखीरा  है” ,
” अहसास  ही   रिस्तों  को  नए  आयाम  देता   है ” |

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