Home ज्ञान ‘छमा’ और ‘दण्ड” देने की नियति !

‘छमा’ और ‘दण्ड” देने की नियति !

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‘छमा    करना”  ” दण्ड   से   महान   है  ‘

‘दण्ड ‘  मनुष्य  देता  है’ , ‘छमा  देवता'” ,

‘दण्ड ‘ में  उत्साह  होता है , ‘शांति  नहीं ‘

‘छमा  मे ‘-‘शांति और आनंद ‘ दोनों  हैं  |

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