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“छंद ” कविता !

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{1} “कहा  सुना  कुछ   भी  नहीं” ,” फिर  भी  बिखर  गए” ,
      “न कुछ टूटा”,”न कुछ बचा”,”अजब दास्तां है जिंदगी”

{2}  “समस्या  से  निबटना  है  तो  मुस्कराना सीख” ,
“समस्या से बचना है” “तो शांत रहना ही उत्तम “|

{3} “चुनाव लड़ रहे हो जनाब “,” जरा घरवाली से लड़ कर दिखाओ “,,
       “जब घर की रोटी नहीं मिलेगी “, “कुकड़ू बन जाएगा तेरा जनाब” |

{4} “खूब नखरे दिखा” ,” परेशान कर” ,” सब कुछ हजम कर जाएंगे “,
       “अफसोस ” !” जब  हम  नहीं  होंगे “, ” नखरे धरे रह जाएंगे तेरे ” |

{5} “तुम्हारा  अन्तर्मन खुशियों का खजाना है” ,” ढूंढते  ही नहीं कभी” ,
      “अपने अहसास को जगा”,” आनंद ले”,”कहीं मत ढूंढ खुशियों को” |

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