Home कविताएं “अगर समझो तो सब कुछ है यहाँ ” कुछ छंद “!

“अगर समझो तो सब कुछ है यहाँ ” कुछ छंद “!

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‘रिस्ते  और   संबंध’   कभी  भी  ‘पद’  ‘प्रतिष्ठा’ , के  मोहताज  नहीं  होते ‘ ,
‘स्नेह और ‘विश्वास’ से  सींचते  रहो’,’ पल्लवित  होते  रहेंगे  सब  जगह ‘ |

{2}

”  तुम  जहां  भी  रहो  ” ,” खुशियों  से  भंडारे  खुले  रहें  “,
” निराशा  की उत्पत्ति  न  हो” ‘ उन्मुक्त  हों  जीयें  सभी ” |

{3}

” जी  भर  कर  नफरत  करो  हमसे ” ,”  किसने   रोका  है  हुज़ूर  “,?
“मैं  उस  कोख  से  जन्मा  हूँ “,”जहां  केवल मोहब्बत  बसती  है” |

{4}

” सादगी  की  तामीर  फीकी  न  पड  जाए  “,”  यह  ख्याल  रखना  जरूरी  है ” ,
” कौन   कहता   है  सादगी  कभी  “, ” सुंदरता  का  बखान   ही   नहीं   करती  “|

{5}

” हर  बेटी –  पिता   के   घर   का  कोना – कोना  सजाती   हैं  “,
“गजब  ये  है””उसके  हिस्से  में  एक  कोना  भी  नहीं  होता” |

{6}

“हमारे भारत में भारतीय नहीं रहते “,’ हिन्दू’,’ सिख ‘,’मुस्लिम’,’ईसाई’ रहते हैं ‘,
‘यही  मुख्य कारण  बना ‘ ‘ अंग्रेजों  के 200 सौ  साल  तक राज करने का ‘ यहाँ “|

{7}

” तू  मेरे  इश्क  में  नहीं  “,”  मेरे  जिस्म  की  खूबसूरती  पर  फिदा  है  ” ,
“सारे  वादे व कसमें ” “पानी  के  बुलबुले  हैं “,”शांत  हो  जाएंगे  जल्दी” |

{8}

“बिना  ध्यान  दिये  और  बिना  प्रेम “, “जीवन  जीना  न  जीने  समान  है “,
“प्यार  और  सम्मान  सबको  देते  रहो  “,” कुछ  पाने  के  इच्छा  छोड़  दो “,
” यह  अहसासों  का  खेल   है  ” ,”  लेन  देन  कुछ  भी  नहीं   होता  इसमें  ” ,
” मानवता  हेतु  कुछ  करता  चला  जा’,”सोच  विचार  मत  करना  कभी” |

{9}

” हर  अप्रिय  घटना  को  भूलते  जाना  ‘, ‘  प्रेम  की  पराकाष्ठा  है  ‘ ,
‘बिना  कहे  शांति  और  खुशी ‘,”तुम्हारे  मन  में  घर  बना  लेगी” |

{10}

” हम  हर  किसी  से  हंस  कर  ही  मिलते  हैं  “,’  सभी  दुविधा  में  हैं  ‘ ,
” हर  किसी  में  प्रभु  का  प्रतिबिंब  नज़र  आता  है’ ,” हम  क्या  करें” ?

 

 

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