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धर्म-सत्संग

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सत्संग से जुड़ कर देख , रहमत की बरसात भी हो जाएगी ,

किनारे खड़ा होना उचित नहीं , सत्संग में डूबने का प्रयास कर ,

काम कर भगवान का , नाम ले भगवान का , दरबार मे माथा टिका ,

खयाल मे भी ख्वाब मे भी , हर माहोल मे भी , भूल मत भगवान को |

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