Home कविताएं “ज़रा सोचो ” ! कुछ छंद !

“ज़रा सोचो ” ! कुछ छंद !

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“दूसरों  को  परेशानी  में  डाल  कर ” ,” खुश  हो  रहे  हो  जनाब “,
“थोड़ा इंसानियत में ढल कर’,’माफ करने की कला भी सीख लो ‘|

{2}

“परिपक्कव हो तो खुद को सही बदलने का प्रयास करते रहो “,
“यदि नहीं  तो तुम  दूसरों को  बदलने  का प्रयास  करते  रहो “|

{3}

“सुविचार’- ‘ कुविचारों  को ‘ ‘ कभी  जमने  नहीं  देते ‘,
‘हिम्मत’-डर को मारती है,’संतुष्टि’ गुस्सा पी जाती है ,
‘ प्यार’-घ्रणा  का  दुश्मन तो ‘ पवित्रता’ मन धोती  है ,
‘आओ’-‘सुविचार’,’हिम्मत”प्यार’ से’जीवन संवार लें’ |

{4}

“जीवन के समंदर में” ‘सुविचारों ‘ व ‘कुविचारों’ का  मेला  है ,
‘जो  चाहो  उठा  लो  समंदर  से ‘,” किसने  किसको  रोका  है ” ?

{5}

“महिलाओं ने  कौशल  दिखा कर साबित कर दिया ” कि ” पुरुषों  से  कमतर नहीं “,
“समाज के सभी तबकों में महिलाएं ” ” बेहतर दिशा  में प्रयासरत दिखाई  देती  है” ,
“नारी जीवन दायिनी” ,”नारी है वरदान “,” नारी है सिंघवाहिनी “,” नारी है तूफान “,
“सुपर काँप महिलाओंने”‘मेहनत’व’लगन’से साबित कर दिया’,”पुरुषों से कम नहीं ” |

{6}

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भेंट —-
“भारत हुनर की खान है” ,” महिलाएं नगीना बन कर बेमिशाल साबित  हो  रही हैं “,
‘कल्पना’,’उषा’,’मैरी कांम’,’नेहवाल’,’इन्दिरा’,’सरोजिनी’,’चंदा कोचर”शिखा शर्मा’ ,
‘राखी कपूर’,’ किरण मजूमदार’ ,’निसबा गोदरेज’, ‘जयंती चौहान’, ‘ विद्या बालन’ ,
‘फरहा खान’, ‘एकता कपूर’,’अरुंधति राय’,’निरूपमा राव”जैसी हुनरबाज़ है देश में ‘,
‘ सभी  काबिल  और  हुनरबाज़  महिलाओं  को ‘ ‘ देश  का  ससम्मान  सलाम  है ‘ ‘
‘और  अनेकों  महिलाएं ‘ ‘ देश  का  इतिहास  बदलने  का  हौसला सँजोये  बैठी  हैं ‘ |

{7}

“महिलाएं साबित कर रही  हैं ‘ कि ‘ हौसले  बुलंद  हों तो कुछ  भी  कर  सकते  हैं “,
“व्यवसाय’,’राजनीति’,’खेल’,’अन्तरिक्ष’,” हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किए हैं” ,
“अपने अद्भुत साहस’, ‘अथक प्रयास ‘ से ” विश्वपटल पर अपनी पहचान बनाई है” ,
“मानवीय संवेदना’ , ‘करुणा’ व ‘ वात्सल्य ‘ के ‘ भावों से परिपूर्ण होती है नारियाँ ” |

 

 

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