Home धर्म हम संसार की चकाचौंध में रत हैं

हम संसार की चकाचौंध में रत हैं

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“प्रभु  के   पास ” ” जाने   के ” ” सब   द्वार ” ” बंद ”  हैं ,
“कुल्हाड़ी  ‘,” मैंने ” ” स्वम ”  ही  ” पैरों” पर “मार” ली ,
“न वस्त्र,” “न भोजन”, “न किसी” को “मरहम ” लगाया ,
“संसार” की ” चकाचोंध ” में,” रत ” हो कर ” रह गया ” |

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