Home कविताएं प्रेरणादायक कविता ‘हम माँ-बाप के साथ रहते है’ ‘माँ-बाप हमारे पास रहते हैं ,में जमीन-आसमां का अंतर है

‘हम माँ-बाप के साथ रहते है’ ‘माँ-बाप हमारे पास रहते हैं ,में जमीन-आसमां का अंतर है

4 second read
0
0
1,231

एक ने कहा -‘मेरा छोटा सा परिवार है’ ,”माँ-बाप भी हमारे पास रहते हैं’ ,
‘दूसरे ने कहा – ‘मेरा भी छोटा परिवार है’ , ‘हम ,’ माँ-बाप के साथ रहते हैं ‘ ,
‘गौर करें’ -‘ दोनों का अर्थ एक’,’परंतु भावार्थ में ज़मीन-आसमां का अंतर’ ,
‘गुलाब काँटों में खिलते हैं’-‘जा गुलाब बन’,’अपने व्यवहार की खुशबू फैला’ |

Load More Related Articles
Load More By Tarachand Kansal
Load More In प्रेरणादायक कविता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

[1] जरा सोचोकुछ ही ‘प्राणी’ हैं जो सबका ‘ख्याल’ करके चलते हैं,अनेक…