Home ज़रा सोचो “हमारे देश का कायाकल्प होना जरूरी है , गंदी राजनीति का शिकार है हमारा देश” |

“हमारे देश का कायाकल्प होना जरूरी है , गंदी राजनीति का शिकार है हमारा देश” |

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हमारे  देश  में
‘आतंकवादी’ का  कोई  धर्म, कोई  जाति, कोई  देश, होता  ही  नहीं,
‘दूसरों  को  मारने  के  गुनाहों  का  हिसाब , सबको  देना  ही  पड़ता  है,
‘ऊपर  वाले  की  लाठी  में  आवाज  नहीं  होती’, पर  इंसाफ  करती  है,
” दूसरों  को  दुख  दर्द  बांटने  वाला, कभी ‘सुखी’  होता  नहीं  देखा’ !
[2]
हमारे  देश  में
‘ आदर्श ‘अब ‘ आदर्श  नहीं ,’ आदर्श  घोटाला ‘  कहाता  है,
‘अनैतिक व्यापार, व्यवहार , भ्रष्टाचार, यही  आदर्श  हैं  अपने,
‘ जो  जितना  बेईमान, झूठा  है,वह  वैसी  ही  बंसी  बजाता  है,
‘ अब ‘ आदर्श ‘  के  नाम  पर  बस , यही  कुछ  बचा  है  देश  में,
‘ राजनेता, नौकरशाही, आम जनता, इस आदर्श  में  तपते  देखे  हैं,
‘ नकली  तंबू , नकली  शान, सब  कुछ  फर्जी ,आज  हमारे  देश  में ‘ !
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हमारे  देश  में
‘घटिया  और  मिलावट’ का  माल  बेचने  में, लोग  देश  में  डरते  ही  नहीं,
‘स्वास्थ्य  विभाग’ की  लापरवाही , इंसान  से  रोज  खिलवाड़  करती  है,
‘सही  जांच  होती  ही  नहीं , अक्सर  लोग  शटर  बंद  करके  भाग  जाते  हैं,
‘हर  कानून  की  तोड़  बनाए  रखते  हैं, देश  को  इस  ‘दुराग्रह’  से  बचाइए ‘ !
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हमारे देश में
‘चारों  तरफ  गुलामों  का  जमघट ,चमचों  की  भरमार ,
‘कृपा  पाने  को  व्याकुल , सब  तलवे  चाटने  हो  तैयार,
‘सब  चिल्लाएं ,, हाय  कुर्सी ,हाय  कुर्सी ,ये  ही  पालनहार,
‘हम  मौजी  और  बिलासी  बने , बस  कुर्सी  की  दरकार ‘ !
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हमारे देश में
‘आज देश  को ‘महात्मा गांधी  की  दूरदर्शिता’ ‘सरदार  पटेल  जैसी  राष्ट्रभक्ति’,
‘सन्यासी  जैसी  परित्याग  भावना ‘, ‘ अनेक  राष्ट्र  भक्तों ‘ की  जरूरत  है,
‘जेबें  भरने  वाले  मनुष्य” और  ‘लूटने  वाले  नेताओं’  की  जरूरत  नहीं,
‘हर  आदमी  इमानदारी  से  सहयोग  करें , तो  निश्चित  भविष्य  सुधर  जाएगा’ !
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