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सुबह का उजाला बन !

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‘तू   सुबह   का   उजाला   बन ‘, ‘शाम   का   इंतज़ार   किस   लिए  बता’ ,

‘सुबह   दुआ  कबूल  होती  है’ , ‘शाम  तक ‘सोच’ कमजोर  पड   जाएगी’ |

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