Home कविताएं प्रेरणादायक कविता “सुख/दुख जो भी मिले , स्वीकारना सीखो “|

“सुख/दुख जो भी मिले , स्वीकारना सीखो “|

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“मन   को    बदलिए ” ,  “कृपया   अपनी    जीवन – यात्रा   की    दशा   बदलिए”  ,

“भीतर    के   आकर्षण   आपको   बंदी   बनाए   है “, “बंदिश   से   मुक्ति   पाइये “,

“छोटे – छोटे    रसों    के   आनंद    में   जीवन    हार   देना ” , ” समझदारी   नहीं ” ,

“सुख  हो   या  दुःख “- ” जो   भी   मिले ” , “अहो- भाग्य   से  स्वीकारना  सीखो ” | 

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