Home जीवन शैली “विजय दशमी पर विशेष -जो सबके लिए है ” |

“विजय दशमी पर विशेष -जो सबके लिए है ” |

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सर्वोत्तम  जीवन   की   विधा  , दुनियाँ  की   दे  कर  गए  थे  राम  ,

रावण   की   विद्वता   का   लोहा ,  आज   भी  दुनियाँ   मानती  है ,

वास्तव  में  रामायण  तो  आज  भी  संसार   का  सर्वोत्तम  ग्रंथ   है  ,

अरे   प्राणी  !  आज   की  ज़हरी   हवा  से  बच ,  कुछ   तो  समझ  |

{ 2  }

राम   के  चरित्र   को   अपने  चरित्र   में   कुछ   तो  ढालो ” ,

“पुतले   फूँक   कर  खुश   हो   रहे    हो “, “यह   उत्तम  नहीं ” ,

“बुराइयों  के  अंत  हेतु  रावण “, “खुद  राम  के  हाथों  मरा” ,

“दुनियाँ  में  रावण  जैसे  विद्वान “,”अब  मिलते  नहीं  कहीं ” |

{ 3 }

आज   घर – घर   में    रोज़   नए   रावण”   “पैदा   होते   जा   रहे   हैं ” ,

“कलियुग  की  ज़हरीली   हवा “, ” दिन-रात   सबको  खाये  जाती   है “,

“आज  दिलों  के  अहसास  बदल  गए “, “जीने  के  अंदाज़  बदल  गए “,

“इंसानियत   की   भाषा  ढूंढते   ही   रहो ” ,” अब  मिलती  नहीं   कहीं ” |

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