Home ज़रा सोचो यह हम सबकी गुफ्तगू है ,इन छोटी बातों पर भी ध्यान दीजिये ‘ |

यह हम सबकी गुफ्तगू है ,इन छोटी बातों पर भी ध्यान दीजिये ‘ |

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[1]

‘सब्र   का  घूंट  पीने  वाले  नजरों  से  नहीं  गिरते  कभी,
‘जिगर रखने वालों  की  लिस्ट  में  सबसे  ऊपर  नाम  है  उनका’ !

[2]

‘कुछ  तुम  कहो’ ‘कुछ  मैं  कहूं ,’गुफ्तगू  बदस्तूर  होनी  चाहिए,
‘गुमसुम  और  उदास  मन  रख  कर  कब  तक  जिओगे  जनाब’ ?

[3]

‘खुद  की  गलती  जानकर  भी  झुकते  नहीं, ‘क्रोध  से  बोलते  हो,
‘शांति  कहां  से  आएगी  मन  में ,’ जनाब  ढूंढते  रह  जाओगे ‘ !

[4]

‘हमारी  हस्ती  जिंदा  है, हमारी  मस्ती  भी  जिंदा  है,
‘कमबख्त  कौन  कहता  है ,’हम  जबरदस्ती  जिंदा  हैं !

[5]

‘आतंकी’  पर  प्रहार  होता  है  परंतु  ‘आतंकी  विचारधारा’ भयानक  है,
‘यह धारा  समूल  नष्ट  हो  जाती  तो,’दुनिया  का  कल्याण  हो  जाता’ !

[6]

‘समय  को  सही  बनाए  रखने  के  प्रयास  ही  प्रसन्नता  लाते  हैं,
‘हमारी  यही  त्रासदी  है  कि  जितने  प्रयास  जरूरी  है, हम  करते  नहीं’ !

[7]

‘अपने ‘ छुप  कर  वार  करते  हैं ,’दुश्मन’  डंके  की  चोट  पर,
‘ऐसे अपनों  से’ ‘दुश्मन  लाख  बेहतर  हैं’ ‘ध्यान  रखना  जनाब’ !

[8]

‘जब  अपने’ ‘अपनों  के  साथ’ खड़े  होकर  साथ  निभाते  हैं,
‘घर गृहस्थी  का  गमला, ‘खुशी के फूलों  से  महकता  उठता  है’ !

[9]

‘हमें ‘मुसलमान’ या  ‘ईसाई’  मुक्त  भारत  नहीं  चाहिए,
‘धर्म  कोई  भी  हो,’हमें  तो ‘गद्दार  मुक्त’ भारत  चाहिए’ !

 

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