Home कविताएं धार्मिक कविताएँ यह सच है’ , ‘ईमानदारी के पैसे मे बरकत है ’ पुण्य भी होते हैं

यह सच है’ , ‘ईमानदारी के पैसे मे बरकत है ’ पुण्य भी होते हैं

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‘यह सच है’ , ‘ईमानदारी के पैसे मे बरकत है ’ पुण्य भी होते हैं ,
‘अनैतिकता ‘ व ‘बेईमानी’ से ‘कमाया धन’, ‘कभी खुशियाँ नहीं दे सकता ‘,
‘मेहनत से’ ‘सुख की नींद आती है’ ‘,सदा अच्छा आचरण पेश करो’ ,
‘सबसे बड़ा संतोष धन’, ‘अनैतिक काम करने वालों के पास नहीं आता’

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