Home कविताएं धार्मिक कविताएँ ‘यदि तू’ ‘भगवान की’ ‘ सच्ची पुजा करना चाहता है

‘यदि तू’ ‘भगवान की’ ‘ सच्ची पुजा करना चाहता है

0 second read
0
0
1,136

‘यदि तू’ ‘भगवान की’ ‘ सच्ची पुजा करना चाहता है ‘,
तो ‘ खड़ा हो ‘–‘वास्तव मे विपत्ति मे फंसे ‘ की ‘ मदद कर दे’ ,
‘किसी को भी’ ‘भला-बुरा कहना’ , ‘मानव की फितरत है’ ,
ऐसा करके तू’ ,’अपने सदगुणों को’ ‘ घुण लगा बैठता है ‘ ||

Load More Related Articles
Load More By Tara Chand Kansal
Load More In धार्मिक कविताएँ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

‘कामयाबी पर गुमान’ , ‘शेर-दिल ‘ को भी ‘गुमनामी मे ‘ धकेल देगा

‘कामयाबी पर गुमान’ , ‘शेर-दिल ‘ को भी ‘गुमनामी मे ‘ धक…