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“मोटापा बिमारियों को आमंत्रित करता है “, जानिए |

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आपकी यौन शक्ति को कमजोर कर रहा है मोटापा!

By  ओन्लीमाईहैल्थ लेखक,  ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 30, 2017

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QUICK BITES

 आमतौर पर लोग मोटापे को बीमारी नहीं मानते, जबकि मोटापा बीमारियों की जड़ है। मोटापे को दिल की बीमारियों, हाइपरटेंशन, टाइप 2 मधुमेह सहित कई रोगों से जोड़ा जाता था, लेकिन यह केवल आपके स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि आपके मधुर संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है। मोटापा महिला व पुरुष दोनों की ही यौन शक्ति कमजोर करता है। मोटापे से ग्रस्त लोग इस बारे में कोई टीका-टिप्पणी भी सहन नहीं करते। मोटापे को वे भले ही बीमारी न मानें, लेकिन चिकित्सकों के अनुसार यह कई रोगों को बुलावा देता है।

एक्‍सपर्ट की राय

नोएडा  स्थित  फोर्टिस  हॉस्पिटल  में   वरिष्ठ   सलाहकार   व   मनोचिकित्सक    डॉ.  हरदीप   सिंह   के   अनुसार ,  मोटापे   से   ग्रस्त   लोग   आत्मसम्मान  में कमी   महसूस   करने   लगते   हैं   और   यौन   संबंध   बनाते   वक्त   हिचकिचाते हैं  ।  साथ   ही   शरीर   व  हार्मोन   में   होने   वाले   बदलावों   के   कारण   उनके शारीरिक   संबंध   बनाने   के   दौरान   जोश   में   कमी   रहती   है  ।   उन्होंने    कहा,  भारत   मोटापा   पीड़ितों   के   मामले   में   दुनिया   का   तीसरा   देश  है      ।  यह  कई   तरह  की   बीमारियों   की   चुनौती   पेश   करता   है  ।   इनमें मेटाबॉलिक   सिंड्रोम  ,   ओस्टियो  आर्थराइटिस   पैथोलॉजी   और   साइकोसेक्सुअल   डिसफंक्शन   जैसे   रोग   शामिल   हैं ,  जिसका   सेक्स     लाइफ   पर   बेहद   बुरा   असर   पड़ता   है   और   संबंधित   व्यक्ति   को   न      सिर्फ   अपने   साथी   में  , बल्कि  सेक्स  के  प्रति   भी  अरुचि  होने  लगती  है ।

शोध से निकला है निष्‍कर्ष

शोधों   से   पता   चलता   है   कि   मोटापे   के   कारण   टेस्टोस्टेरॉन   ( मेल    सेक्स   हार्मोन)   का   स्तर   कम   हो   जाता   है ।  कम   वजन   और  बीएमआई   से   इरेक्टाइल   डिस्फंक्शन   (एक  प्रकार  का  दोष)  की   स्थिति   में   सुधार   देखा   गया   है  ।  महिलाओं  की  तुलना  में  पुरुष  इससे  ज्यादा  प्रभावित      होता  है  ।

कई चिकित्सकों की राय है अलग

दिल्ली   के   द्वारका   स्थित   वेंकटेश्वर   हॉस्पिटल   के   एडवांस्ड   बैरियाट्रिक  एंड लेप्रोस्कोपिक  सर्जन  डॉ.  सुशांत   वढेरा   कहते  हैं ,  मोटापे  का  शरीर  पर  असर पुरुषों  और  महिलाओं   में  अलग-अलग  होता  है ।  जहां  तक  यौन  शक्ति  का सवाल   है,  तो  मोटापा  पुरुषों   की   तुलना   में   महिलाओं   को   ज्यादा  प्रभावित करता   है ।  मोटापे   की   वजह   से  लड़कियों   में   माहवारी   जल्दी  शुरू  हो  जाती है   और   उनमें  जवान   होने   के   अन्य   लक्षण   भी   जल्दी   विकसित   होने लगते   हैं ।  यह  पी सी ओ डी (अंडाशय  में  गांठ)  का   भी   कारण   बनता   है , जिसकी   वजह   से   अनियमित   माहवारी ,   त्वचा   में   कालापन   आदि समस्याएं  शुरू   हो   जाती  हैं ।  वह   कहते  हैं ,  महिलाओं  में   मोटापा  बांझपन का   भी   कारण   बन  जाता   है  और  उन्हें   गर्भधारण   में   काफी  मुश्किल  आती है  ।  जबकि  पुरुषों   में   मोटापा   टेस्टोस्टेरॉन   की   कमी   की   वजह  बनता  है ।

यौन   संबंधों   पर   मोटापे   के   असर   के   बारे   में   अमनदीप   हॉस्पिटल  में लैप्रोस्कोपिक   सर्जन   डॉ.   परमजीत   सिंह   कहलों   कहते   हैं , ज्यादा  वजन (ओवरवेट)  या   मोटापा   (ओबेसिटी)   के   शिकार   पुरुषों   में   सामान्य   पुरुषों की   तुलना   में   टेस्टोस्टेरॉन   का   स्तर   कम   होता   है  ।   कई   शोध   व अध्ययनों   से   पता   चला   है   कि   हाइपरटेंशन   जैसी   स्थिति   (जिसका  संबंध मोटापे   से  है )  शीघ्र   पतन   की   समस्या   के   लिए   भी   जिम्मेदार   है  । उन्होंने   यह   भी   कहा  , महिलाओं   के   मामले   में   मोटापा   उनकी   संतान जनने   की   क्षमता   को   प्रभावित   करता   है   और   आत्मसम्मान   में   कमी होने   के   कारण   मानसिक   तौर   पर   भी   प्रभावित   करता   है ।

ग्लोबल   हॉस्पिटल्स   मुंबई   में   बैरियाट्रिक   सर्जन   डॉ.  अपर्णा   भास्कर   का कहना   है  , बड़ी   संख्या   में   मोटापे   से   पीड़ित   पुरुष   व   महिलाएं   समाज   से  अलग-थलग   महसूस   करते   हैं  , उनके   अंदर   आत्मविश्वास   व आत्मसम्मान   की   भावना   कम   हो   जाती   है   और   वे   काया   संबंधी डिस्ऑर्डर   से   पीड़ित   हो   जाते   हैं  ।   मोटापे   से  पीड़ित   कई   महिलाओं       में    बांझपन   की   समस्या   देखी   जाती   है।   उन्होंने   कहा , बतौर  चिकित्सक, मैं   कहना   चाहूंगी   कि   मोटापे   को   शुरुआत   से   ही   गंभीरता  से   लेना   चाहिए   और   ऐसा   माहौल   बनाया  जाना   चाहिए  , जिससे   इस   बीमारी       से   पीड़ित   लोग   सजग   रहें ,  चिकित्सक   से   सलाह   लें   और   मोटापे   को बीमारी  मान  कर  उसका   समुचित   इलाज   कराएं ।

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