Home ज़रा सोचो मेरे विचार कुछ ऐसे हैं जो सबसे जुड़े से लगते हैं ‘

मेरे विचार कुछ ऐसे हैं जो सबसे जुड़े से लगते हैं ‘

2 second read
0
0
943

[1]

‘आपको  कोई  अच्छा  लगे  तो  समझो  आप  खुद  बेनज़ीर  हो ‘,
‘आपकी नज़र बुराई पर नहीं टिकती’,’सिर्फ गुलाब ढूंढती हैं आँखें ‘|

[2]

‘देश  का  पर्यावरण  दूषित  न  रहे , शुद्धता  की  कसौटी  पर  खरा  उतरे ,
ऐसे सार्थक प्रयास अविलंब शुरू हों’ ‘नई सरकार से पूर्णतया अपेक्षित है’|

]3]

‘जब ‘अपनी  गलती’और ‘दुसरे  की  अच्छाई’ नज़र  नहीं  आयें ‘,
‘अंधकार  और  अहंकार’ के  शिकार  हो  गए  समझो  खुद  को ‘|

[4]

‘जब  जीवन  मिला  है  तो  जीना  ही  पड़ेगा ‘, 
‘तेरे अहसास ही सिखाएँगे जीने का सलीका भी’ |

[5]

‘प्रतिकूल  परिस्थिति  आई  है  तो  चली  भी  जाएगी ,’ पापों  का  फल  जान ‘,
‘पाप  भी कट  जाएंगे,सुखी  भी  हो जाओगे, ‘परिस्थतियाँ  रोज़  बदलती  हैं ‘|

[6]

‘दिल  के  जख्म  जुबां  पर  उभरने  लगे’ ,
‘हम  करें  तो  क्या  करें ‘,
‘काँटों  की  सेज़  पर  रोये  नहीं’,
‘फूलों  का  बिस्तर  रुला  रहा  है  अब ‘|

[7]

‘रिस्ते – ‘नज़दीकियाँ  या  दूरियाँ’ नहीं  समझते  ,’ अहसासों  का  मेला  है ‘,
‘दिलों में जगह  बनाए रखने के लिए,’कुछ  खोना पड़े  तो भी  सस्ता समझ’|

[8]

‘पढ़-लिख  कर  निखर  जाना’ ,
‘कर्तव्य  की  श्रेणी  समझ ‘,
‘कर्तव्य  सही  निभाना’ ,
‘उत्तम  व्यक्तित्व   का  स्वरूप ‘|

[9]

‘कितने  भी  ऊंचे  महल  बनवा  लो ‘,
‘बड़प्पन  नहीं  बढ़  पाएगा ‘,
‘इंसानियत  का  चोला  पहन’ ,
‘तुमसे  अच्छा  नहीं  होगा  कोई ‘|

 

 

Load More Related Articles
Load More By Tarachand Kansal
Load More In ज़रा सोचो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

[1] जरा सोचोकुछ ही ‘प्राणी’ हैं जो सबका ‘ख्याल’ करके चलते हैं,अनेक…