Home कोट्स Motivational Quotes “मेरी सोच’ कुछ ऐसी है ‘ क्या आप सहमत हैं ‘? अन्तर्मन के भाव !

“मेरी सोच’ कुछ ऐसी है ‘ क्या आप सहमत हैं ‘? अन्तर्मन के भाव !

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‘मुस्कराता चेहरा’ ‘खुशबू की दुकान’ ‘सरीखा लगता है ‘,
‘दिल की जलन खतम ,’आँखों में चमक तैर जाती है ‘|

[2]

‘जरा सी चूक पर सालों पुराने रिस्तों को हम भूल जाते हैं ‘,
‘लोग  पत्थर  दिल  हो  गए’,’हम  आज तक  नहीं समझे ‘|

[3]

‘अपनेपन  का  अहसास  ही  सही  जीना  सिखाता  है ‘,
‘यूं  तो किसी के बिना भी’ ,’जिंदगी थमती नहीं कभी ‘|

[4]

‘सिर्फ वर्तमान को मस्त हो कर भोगो’ ,‘इसे बेसकीमती तोहफा समझ ‘,
‘ हाय- हाय  करके  जीते  रहे  तो ‘,‘ केवल  दर्द  हाथ  आएगा ‘|

[5]

‘माँ-बाप चाहे अनपढ़ हों ‘,’संस्कारों का विश्व विद्यालय है ‘,
‘संस्कारों का कोई स्कूल नहीं’ ,’हमें यह अहसास नहीं है ‘|

[6]

‘आशीर्वाद मिलते जरूर हैं,’ ‘परंतु कभी दिखाई नहीं देते’,
‘असंभव  को  संभव  होते  कई  बार  देखा  है  जनाब ‘|

[7]

‘खुद के मन की बात हो जाए’ ,
‘तो बड़ा अच्छा लगता है ‘,
‘अगर ऐसा न हो तो खटकती है’ ,
‘ये ही ‘इच्छा’ का चरित्र है ‘|

[8]

‘जब घट-घट में ‘राम’ समाया है’ ,
‘फिर अपना-पराया किसलिए ‘?
‘हर प्राणी को अपना अज़ीज़ समझ’ ,
‘स्नेह से भिगोता चल ‘|

[9]

‘सहयोग की भावना बनी रही तो’,
‘तुझसे बडा ‘अमीर’ कोई नहीं ‘,
‘आशा रहित सहयोग’ तुझे ‘,
‘दिल का अमीर’ बना देगा ‘|

[10]

‘गंदी सोच और गंदी नियत’ का ,
‘उपवास क्यों नहीं करते ‘?
‘व्रत करके भी उलट-पलट करने से ,
‘बाज़ नहीं आते , ढलोसली हो ‘|

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