Home Uncategorized ‘मुस्करा ,दुष्कर्मों से बच,माँ-बाप का ध्यान रख , सुधरता चल, सफलता जरूर आएगी ‘!

‘मुस्करा ,दुष्कर्मों से बच,माँ-बाप का ध्यान रख , सुधरता चल, सफलता जरूर आएगी ‘!

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[1]

‘जो अपनों को याद करके मुस्कराते हैं ,
‘दुआएं देते हैं ‘,
‘वो दुष्कर्मों में नहीं फँसते ‘,
‘प्रभु ! मेहरबान है उनपर ‘|

[2]

‘इज्जत और दौलत सदा तेरे चरण चूमेंगी’ ,
‘बस माँ-बाप की इज्जत करनी शुरू कर दो’ ,
‘बुजुर्गों को दुआओं में ऐसी कशिश होती है ‘,
‘कायनात भी झुकती है ‘हाँ मिलने के लिए “|

[3]

‘दूध में चावल पकायेगा तभी तो खीर खाएगा बंधु ,’
‘सुमरण दिल से करेगा तभी कल्याण का मार्ग देखेगा’ ,
‘दुनियादारी में फंस कर ,खुद को धोखा दे रहा है तू ‘ ,
‘सुधरने का सार्थक प्रयास, झंझावतों से बचा लेगा तुझे ‘|

[4]

 

 ‘तेरी छवि पर हमारा दिल’ ,
‘कुर्बान है माता’ ,
‘गिरतों को संभालते रहना’ ,
‘बस इतनी तमन्ना है ‘
[5]
 
 ‘कफन बांध कर जो आगे बढ़ा’ ,
‘उभरता चला गया’,
‘जो मिमियाता रहा’ ,’उसे
काट कर खा गयी दुनियाँ ‘|
 
 
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