मनुष्य की कीमत

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एक व्यक्ति की लोहे की दुकान थी , उसका एक छोटा बेटा उम्र 10-12 वर्ष का रहा होगा , दुकान पर बैठा था | एक दिन अचानक उसने अपने पिता जी से पूछा, “ पिता जी इस दुनियाँ में मनुष्य की क्या कीमत है “ ?
एक छोटे से बच्चे से ऐसा गंभीर सवाल सुनकर पिताजी हैरान रह गए , फिर ज़रा सोच कर बोले, “ बेटे , एक मनुष्य की कीमत आंकना बहुत मुस्किल है , वो तो अनमोल है “ | उस लड़क ने दुबारा प्रश्न किया , “ क्या सभी व्यक्ति उतना ही कीमती हैं “ ?
पिता ने कहा , “ हाँ हर व्यक्ति बड़ा कीमती होता है “ |
बच्चे की समझ में नहीं आया कि यह कैसे हो सकता है ? उसने पिताजी से फिर प्रश्न किया , “ फिर इस दुनियाँ में कोई गरीब तो कोई खूब अमीर क्यों हैं ? मुझे तो सब में अन्तर नज़र आ रहा है , किसी कि इज्जत ज्यादा है , किसी कि कम है तो कोई, किसी कि कोई इज्जत ही नहीं करता “ |
सवाल सुन कर पिताजी कुछ देर तक तो शांत रहे फिर कुछ विचार करके बालक से कहा , “ स्टोर में एक लोहे कि राड पड़ी है , उसे उठा कर लाओ “, वह लड़का तुरंत उठा और लोहे कि राड उठा लाया , फिर पिताजी ने लड़के से पूछा ,” इस राड कि कीमत क्या होगी बताओ ? बालक ने तुरंत जबाब दिया ,” इस राड कि कीमत 200/250 रुपया के करीब होगी “ |
पिताजी ने फिर पूछा,” अगर मैं इस राड कि छोटी-छोटी कीलें बना दूँ तो इसकी कीमत कितनी हो जाएगी ? “ लड़का कुछ सोचता रहा और थोड़ी देर में कहा , “ अब तो यह कीलें बन गया है अब तो इसकी कीमत 1000/- रुपये के करीब हो गयी होगी “ |
उसके पिता ने फिर कहा , “ अगर मैं इस लोहे कि राड के बहुत सारे घड़ी के स्प्रिंग बना दूँ तो इस राड कि कीमत कितनी हो जाएगी “ ? लड़का जोड़-भाग करता रहा और काफी देर पश्चात उत्साह से भर कर पिताजी से बोला , “ अब तो इसकी कीमत बहुत ज्यादा हो जाएगी
अब पिता जी उसे समझाते हुए बोले । “ ठीक लोहे कि राड कि तरह है आदमी कि कीमत | मनुष्य कि कीमत इससे नहीं है कि वह आदमी है बल्कि कीमत इस बात में है कि मनुष्य अपने आप को कैसा बना सकता है ? हर व्यक्ति अपनी कीमत जाँचने में गलती कर देता है | अनेक सुविधाएं आज देश में उपलब्ध हैं , अपनी योग्यता के अनुसार जो भी जैसा भी चाहे वह बन जायेगा , उसी अनुसार उसकी कीमत हो जाएगी “ |
लड़का पिताजी कि बात पूरी तरह समझ चुका था | हमें खुद को कभी कम नहीं आंकना चाहिए | हर व्यक्ति में अथाह शक्ति होती है | हमारा जीवन संभावनाओं से भरा पड़ा है , कई बार परिस्थितियाँ हमारे अनुकूल नहीं होती लेकिन इसका यह मतलब कभी नहीं होता कि हमारी कीमत घट गयी है या हम कुछ नहीं कर सकते | सदा यह ध्यान रक्खो , हर व्यक्ति वास्तव में बड़ा विशेष होता है और संभावनाओं से भरा है , हमेशा कुछ न कुछ सही दिशा में करते रहें तो हर हाल में सही दिशा में बढ़ सकते हैं |

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