Home ज़रा सोचो “भ्रष्टाचार और हमारा देश “

“भ्रष्टाचार और हमारा देश “

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देशवासियों से प्रार्थना “—
“सभी दलों को “आत्मचिंतन” ,” मनन” की , “अपने भीतर झाँकने की जरूरत है” ,
“दूसरों के भ्रष्टाचार से पहले’ ,” अपने श्रष्टाचार को” “समाप्त करने का प्रयास करो” ,
“हर – हर मोदी” ,”घर – घर मोदी” “अलापने से समस्या हल ही नहीं होगी” ,
“यदि घर- घर मोदी हो जाते तो ” “देश अब तक परम वैभव प्राप्त कर लेता”|
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