Home कोट्स Motivational Quotes ‘भला-बुरा’ कहने से पहले ‘खुद’ में झांक कर देखो ,’अनेकों जहरीले तीर’ दिल में ‘चुभे’ मिल जाएंगे |

‘भला-बुरा’ कहने से पहले ‘खुद’ में झांक कर देखो ,’अनेकों जहरीले तीर’ दिल में ‘चुभे’ मिल जाएंगे |

4 second read
0
0
385

[1]

जरा सोचो
हमारे  ‘हालात’  ही  रोज  ‘नए  तजुर्बे’  से  भेंट  करा  देते  हैं,
ये  ‘ तजुर्बे ‘  ही  समयानुसार  ‘ बुढ़ापे ‘  में  बदल  जाते  हैं !

[2]

जरा सोचो
‘ खुद ‘  भी  हंसो , औरों  को  भी  ‘ हंसने  का  मौका ‘  देते  रहो,
‘दर्द’  कभी  पीछा  नहीं  छोड़ते, ‘गमगीन  चेहरा’- तोड  डालेगा  सबको !

[3]

जरा सोचो
‘ जबरदस्ती ‘  की  ‘ नजदीकियों ‘  से  ‘ दूरियां ‘  बेहतर  है ,
तुम  भी  ‘जीते’  रहो, हमारी  भी  ‘आराम’  से  कट  जाएगी !

[4]

जरा सोचो
‘अनेकों’- ‘प्रभु’  से  भी  ‘ खफा ‘  हैं , ‘ शिकायतें ‘  कभी  रुकती  नहीं,
‘तू’  किस  खेत  की  ‘मूली’  है ? सबको ‘खुश’ करने  में  लगा  रहता  है !

[5]

जरा सोचो
‘भला- बुरा’  कहने  से  पहले  खुद  में  ‘ झांक ‘  कर  तो  देखो,
न  जाने  कितने ‘जहरीले  तीर,’ दिल  में  ‘चुभे’  मिल  जाएंगे !

[6]

जरा सोचो
बड़े  अरसे  के  बाद  ‘मुस्कुराए’  हैं, चलो  ‘वजह’  ढूंढते  हैं,
ऐ  जिंदगी  ! ‘ आप ‘  हमें  ढूंढो ,  हम  ‘ तुम्हें ‘  ढूंढते  हैं !

[7]

जरा सोचो
‘ मुस्कुराते’  रहिए ,  तुम्हें  ‘मुस्कुराता’  देख  ‘गुदगुदी’  होती  है  हमें,
‘कारण’  कोई  भी  हो ,’रोना’  अच्छा  नहीं  लगता,  हम  ‘क्या’  करें ?

[8]

जरा सोचो
‘भावनाएं’  बाजार  में  नहीं  ‘बिकती’ ,  ‘ढंढोरा’  मत  पीटिए,
‘व्यवहार’  का  प्रदर्शन  ही  ‘आपको’  निहाल  बनाए  रखेगा !

[9]

जरा सोचो
जीवन  के  ‘हर  मोड़’  पर, ‘अनेकों  मित्र’  मिलते  रहते  हैं ,
यश- अपयश, हानि- लाभ, अच्छा- बुरा, ‘आनंद’ लेते  जाइए !

[10]

जरा सोचो
‘अपनी’  न  छाया ,  न  काया ,  न  माया ,  साथ  देती  है,
‘निश्चल  स्नेह’ बहाता  चल, किसी  के ‘काम’ आता  चल !

Load More Related Articles
Load More By Tarachand Kansal
Load More In Motivational Quotes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

[1] जरा सोचोकुछ ही ‘प्राणी’ हैं जो सबका ‘ख्याल’ करके चलते हैं,अनेक…