Home कविताएं धार्मिक कविताएँ ‘भगवान’ ने ‘चूना’ बनाया-‘खाने के लिए’ ,’सेहत बनाने ‘ के लिए

‘भगवान’ ने ‘चूना’ बनाया-‘खाने के लिए’ ,’सेहत बनाने ‘ के लिए

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‘भगवान’ ने ‘चूना’ बनाया–‘खाने के लिए’ ,’सेहत बनाने ‘ के लिए ,
‘देश मे’ ‘देखा कमाल ‘–‘हर कोई’ ‘भगवान’ को ‘चूना ‘ लगाता है ,
‘रो-रो कर’ –‘रोटी’, ‘कपड़ा’, ‘मकान’ और ‘ न जाने’ ‘ क्या-क्या ‘ मांगता है ?
‘धर्म’, ‘ईमान’,’इंसानियत’, ‘प्रेम’,’दया ‘ ,’नम्रता’ , ‘सन्तोष’ –‘कुछ भी नहि ‘ |

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