Home ज्ञान बुढ़ापा

बुढ़ापा

0 second read
0
0
1,175

‘आज  बुजुर्गों में’‘असुरक्षा  की  भावना’ ‘भरती जा रही है’ ,

‘बच्चों  को’ ‘बचपन  से ही’ ‘संस्कारों  से  सजाओ,सँवारो’ ,

‘देखते जाओ’–‘बुढ़ापा  तो चश्मा  लगाए’ ‘सभी को घूर रहा है’ ,

‘संभल  जाओ’ , ‘जैसा  करोगे’  ‘भविष्य  वैसा ही बन जाएगा’  |

Load More Related Articles
Load More By Tarachand Kansal
Load More In ज्ञान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

[1] जरा सोचोकुछ ही ‘प्राणी’ हैं जो सबका ‘ख्याल’ करके चलते हैं,अनेक…