Home कोट्स Love Quotes ‘बुजुर्गों ‘ को बच्चों से सिर्फ थोड़ा ‘ समय ‘ चाहिए , बाकी कुछ नहीं ‘ | ‘एक परिवार का संयोग |

‘बुजुर्गों ‘ को बच्चों से सिर्फ थोड़ा ‘ समय ‘ चाहिए , बाकी कुछ नहीं ‘ | ‘एक परिवार का संयोग |

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*बुजुर्गों   को   समय   चाहिए*👈
*छोटे  ने  कहा ,”  भैया ,  दादी  कई  बार  कह  चुकी  हैं  कभी  मुझे  भी  अपने  साथ  होटल  ले  जाया  करो .”  गौरव  बोला ,                                                   ” ले  तो  जायें  पर  चार  लोगों  के  खाने  पर  कितना  खर्च  होगा .*  याद  है  पिछली  बार  जब  हम  तीनों  ने  डिनर  लिया  था,                                             तब  सोलह  सौ  का  बिल  आया  था .  हमारे  पास  अब  इतने  पैसे  कहाँ  बचे  हैं .
”  पिंकी   ने  बताया, ”  मेरे  पास  पाकेटमनी  के  कुछ  पैसे  बचे  हुए  हैं .”  * तीनों  ने  मिलकर  तय  किया  कि  इस  बार  दादी  को                                        भी   लेकर   चलेंगे ,  पर  इस  बार  मँहगी  पनीर  की  सब्जी  की  जगह  मिक्सवैज  मँगवायेंगे  और  आइसक्रीम  भी  नहीं  खायेंगे .*
छोटू , गौरव  और  पिंकी  तीनों  दादी  के  कमरे  में  गये  और  बोले , ”  *दादी  इस ‘  संडे  को  लंच  बाहर  लेंगे ,  चलोगी  हमारे  साथ .”                                 दादी  ने  खुश  होकर  कहा ,”  तुम  ले  चलोगे  अपने  साथ .”  ”  हाँ  दादी  ” .*
संडे  को  दादी  सुबह  से  ही  बहुत  खुश  थी.  *आज  उन्होंने  अपना  सबसे  बढिया  वाला  सूट  पहना ,  हल्का  सा  मेकअप  किया ,                                     बालों  को  एक  नये  ढंग  से  बाँधा. *  आँखों  पर  सुनहरे  फ्रेमवाला  नया  चश्मा  लगाया .  यह  चश्मा  उनका  मँझला  बेटा  बनवा                                         कर  दे  गया  था  जब  वह  पिछली  बार  लंदन  से  आया  था .  किन्तु  वह  उसे  पहनती  नहीं  थी,  कहती  थी  ,  इतना  सुन्दर  फ्रेम  है ,                         पहनूँगी  तो  पुराना  हो  जायेगा .  *आज  दादी  शीशे  में  खुद को  अलग  अलग  एंगिल  से  कई  बार  देख  चुकी  थी  और  संतुष्ट  थी .*
बच्चे  दादी  को  बुलाने  आये  तो  पिंकी  बोली ,”  *अरे  वाह  दादी ,  आज  तो  आप  बडी  क्यूट  लग  रही  हैं “.*  गौरव  ने  कहा ,”                                           
आज  तो  दादी  ने  गोल्डन  फ्रेम  वाला  चश्मा  पहना  है .  क्या  बात  है  दादी  किसी  ब्यायफ्रैंड  को  भी  बुला  रखा  है  क्या. ”  दादी                                  शर्माकर  बोली , ” धत. “
होटल  में  सैंटर  की  टेबल  पर  चारो  बैठ  गए . *थोडी  देर  बाद  वेटर  आया ,  बोला , ”  आर्डर  प्लीज  “.*  अभी  गौरव  बोलने  ही  वाला  था                         कि  दादी  बोली ,”  आज  आर्डर  मैं  करूँगी  क्योंकि  आज  की  स्पेशल  गैस्ट  मैं  हूँ .”  *दादी  ने  लिखवाया __  दालमखनी ,  कढाईपनीर ,            मलाईकोफ्ता , रायता  वैजेटेबिल  वाला ,  सलाद , पापड ,  नान  बटरवाली  और  मिस्सी रो टी .  हाँ  खाने  से  पहले  चार  सूप  भी .*
तीनों  बच्चे  एक दूसरे   का  मुँह  देख  रहे  थे .  *थोडी  देर  बाद  खाना  टेबल  पर  लग  गया .  खाना  टेस्टी  था  ,  जब  सब  खा  चुके  तो                               वेटर  फिर  आया ,  ” डेजर्ट  में  कुछ  सर “.  दादी  ने  कहा , ”  हाँ  चार  कप  आइसक्रीम  “.*  तीनों  बच्चों  की  हालत  खराब ,  अब  क्या                             होगा ,  दादी  को  मना  भी  नहीं  कर  सकते  पहली  बार  आईं  हैं .
बिल  आया ,  इससे  पहले  गौरव  उसकी  तरफ  हाथ  बढाता ,  * बिल  दादी  ने  उठा  लिया  और  कहा ,”  आज  का  पेमेंट  मैं  करूँगी .                                 बच्चों  मुझे  तुम्हारे  पर्स  की  नहीं ,  तुम्हारे  समय  की  आवश्यकता  है ,  तुम्हारी  कंपनी  की  आवश्यकता  है .*  मैं  पूरा  दिन  अपने                               कमरे  में  अकेली  पडे  पडे  बोर  हो  जाती  हूँ .  टी .वी . भी  कितना  देखूँ ,  मोबाईल  पर  भी  चैटिंग  कितना  करूँ .  बोलो  बच्चों   क्या                              अपना  थोडा  सा  समय  मुझे  दोगे ,”  कहते  कहते  दादी  की  आवाज  भर्रा  गई .
पिंकी  अपनी  चेयर  से  उठी , * उसने  दादी  को  अपनी  बाँहों  में  भर  लिया  और  फिर  दादी  के  गालों  पर  किस  करते  हुए  बोली ,
” मेरी  प्यारी  दादी  जरूर .”  गौरव  ने  कहा , ”  यस  दादी ,  हम  प्रामिस  करते  हैं  कि  रोज  आपके  पास  बैठा  करेंगे *  और   तय  रहा                               कि  हर  महीने  के  सैकंड  संडे  को  लंच  या  डिनर  के  लिए  बाहर  आया  करेंगे  और  पिक्चर  भी  देखा  करेंगे .”
*दादी  के  होठों  पर  1000  वाट  की  मुस्कुराहट  तैर  गई ,  आँखों  में  फ्लैशलाइट  सी  चमक  आ  गई  और  चेहरे  की  झुर्रियाँ  खुशी  के                          कारण  नृत्य  सा  करती  महसूस  होने  लगीं. ..-*
बूढ़े  मां   बाप   रूई   के   गटठर   समान   होते   है ,   शुरू   में   उनका   बोझ   नहीं   महसूस   होता ,   लेकिन   बढ़ती   उम्र   के   साथ  रुई                               भीग   कर   बोझिल   होने   लगती   है .
* बुजुर्ग   समय   चाहते   हैं   पैसा   नही  ,   पैसा   तो   उन्होंने   सारी   जिंदगी   आपके   लिए   कमाया-      बुजुर्ग   चाहते    हैं    कि               
   बुढ़ापे   में   आप   उन्हें  ” समय ” देंगे ।*
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