Home ज़रा सोचो ‘प्रेरणादायक सोच ‘

‘प्रेरणादायक सोच ‘

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मेरा विचार :-
“आप  स्वयं   ही   अपने   सुख   और   दुखों   के   सर्जक   हैं   ,

किसी   अन्य   में   ऐसी   छमता   नहीं   जो   आपको   सुखी 

बना   सके   या   दुखी   बना   सके ” |

[2]

‘ खुद   को  मजबूत  बना ‘ , ‘ जिंदगी  आसान  होती  जाएगी ‘,
‘समय उत्तम बनाने के लिए उत्तम काम करने की हिम्मत बढ़ा ‘|

[3]

‘आप  हमें  भूल  जाएँ  तो  ये  आपका  अनुमान  है ‘,
‘जब तक आपकी याद  न आए  हम  सो  नहीं  पाते ‘|

[4]

‘मुहब्बत , मुकद्दर , वफा , आंसूँ , जुदाई ,सभी अपने रंग बिखेरते हैं ‘,
‘जीवन की परिभाषा में ये सब न हों,जीने का रस खत्म हुआ समझो ‘|

[5]

‘अपने हैं तो सब सपने अपने हैं  दूर मत होना  उनसे  कभी ‘,
‘अपना कोई अपना नहीं तो फिर सपनों का मोल नहीं होता ‘|

[6]

‘इतना  नीचे  मत  गिरो  लोग  तुम्हारा नाम भी भूल जाएँ ‘,
“इतना ऊंचा भी मत उठो , तुम्हारे पास आने से डरने लगें “|

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