Home ज़रा सोचो ‘प्रशंसा करने की आदत बना’ , ‘किसी का भी अपमान करना भूल जा’

‘प्रशंसा करने की आदत बना’ , ‘किसी का भी अपमान करना भूल जा’

0 second read
0
0
1,700

‘प्रशंसा करने की आदत बना’ , ‘किसी का भी अपमान करना भूल जा’ ,
‘दूसरों को कमजोर समझना’ –‘बचकाना है’ , ‘उतर जाएगा तेरा नशा कभी’ |

Load More Related Articles
Load More By Tara Chand Kansal
Load More In ज़रा सोचो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

‘कामयाबी पर गुमान’ , ‘शेर-दिल ‘ को भी ‘गुमनामी मे ‘ धकेल देगा

‘कामयाबी पर गुमान’ , ‘शेर-दिल ‘ को भी ‘गुमनामी मे ‘ धक…