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प्रदूषण क्या है ?

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मित्रों  आज  जानिए  प्रदूषण  क्या  है  ?

हवा  , पानी   और  ज़मीन  में   हानि    पहुंचाने   वाली    गैसों  , कीटाणुओं   और  धूल  आदि    मिल   जाने    प्रदूषण   कहते   हैं |  यह   प्रदूषण  हमारे   देश   में    विभिन्न    प्रकार   के   कार्यों    को   नासमझी   से    करने   के   कारण   उत्पन्न   हो   कर   मानव   जीवन   को   म्रत -प्रायः   बनाता  जा   रहा   है  |  निम्न   प्रकार   के   वो   कारण   हैं   जिन   पर   अविलंब   ध्यान   देने   की   जरूरत   है  :-

{1} हजारों- लाखों  फ़ैक्टरी  और  मोटर   वाहन  आदि  दिन- रात  चलते  रहते  हैं   जिनके  जहरीले  धुएँ  से   हमारा   वातावरण  दूषित  हो  रहा  है |  जो   हवा   हमें   सांस  लेने  के  लिए  चाहिए , वह   शुद्ध   नहीं   रही  |  और  तो  और  पानी   और   ज़मीन   भी   प्रदूषित   हो   गए   हैं  |  यही   नहीं   इनसे   पोधो  और  जीव- जंतुओं      को   भी   नुकसान   पहुँच   रहा  है  |

{2} प्रकृति   का   सामान्य   चक्र   जैसे  कार्बन  , आक्सीजन  और  नाईट्रोजन

का  चक्र   भी  प्रदूषण   के   कारण   टूट   रहा   है  |

{3} वायु   का   प्रदूषण   मुख्य  रूप  से   मिलों   से   निकलने  वाले   धुएँ    से   ही   होता   है  |

{4} सड़कों   पर   चलने   वाली   गाड़ियों   में  जलने  वाले   ईधन {डीजल  और  पेट्रोल }  से   भी   वायु   भयंकर   तरीके  से   दूषित   हो  जाती   है  | इसमें   बहुत   से   विषैली  गैसें  मिलती   रहती  हैं  जो   सांस  द्वारा  हमारे   शरीर  में   प्रवेश   करती    हैं   जिनका  स्वास्थ्य   पर  बुरा   प्रभाव   पड़ता   है  तथा   नये- नये   रोगों   को   जन्म   होता  है   |

{5} कार्बन  डाईआक्साइड , नाइट्रोजन  डाइ आक्साइड   और   सल्फर  डाइ- आक्साइड   जैसे   गैसें  जो   मोटरों  के  ईंधन  के   जलने  से   पैदा   होती   हैं   और   वायु    को   विषैला   बना   देती   हैं  |

{6} हवा   में   मिली   पानी   की   भाप  में  कल-कारखानों  और   मोटर   वाहनों  से    निकलने   वाली   दूषित  गैसें  घुलमिल   जाती  हैं |  वह   भाप   बादल   बन  कर  जब   वर्षा   करती   हैं  तो  एसिड  भी   उसके   साथ   धरती  पर   गिरती   है  और   मकानों  और   धातुओं   को   नुकसान  पहुंचाती   है  |

{7} पानी   का   प्रदूषण   मुख्य   रूप   से   फैक्ट्रीज़  से   निकलने  वाले   पदार्थों   और  मनुष्यों   से   मल -मूत्र   से  होता  है  |

{8} बड़े-बड़े  शहरों   के   गंदे  नाले  नदियों   में   गिरते   हैं  जिनसे   पानी  प्रदूषित   हो   जाता   है  | इन   मल  पदार्थों  से   हजारों   से   हजारों   प्रकार   के   विषाणु   और  बक्टेरिया   पानी   में   पैदा   हो   जाते   है  |  यही   पानी   हम   पीते   हैं   जो   अनेकों  रोगों  का   आक्रमण   हमारे   ऊपर   होता   है   |

{9} अनाजों   की   सुरक्षा   हेतु   हम   अनेक   किटाणु   विनाशक   औषधियाँ  प्रयोग  में  लाते   हैं  उनसे   अनाज   और  भुमि -गत  जल  प्रदूषित   हो  जाता  है  | इन   अनाजों  को   बिना   धोये    खाने   व   प्रदूषित   भूमि गत  पानी   पीने   से   स्वास्थ्य  पर   बुरा   पड़ता    है  |

{10} हजारों   प्रकार  के   रसायन  और   किटाणु   विनाशक   औषधियों  के   छिड़कने   से   ज़मीन   का   प्रदूषण   होता  है  |

{11} बढ़ती  हुई  आबादी  द्वारा   जो   व्यर्थ  के   पदार्थ   गलियों  और   सड़कों  पर   फैक   दिये   जाते   हैं   उनसे   हजारों   प्रकार   के   रोग   फैलाने   वाले   किटाणु     पैदा   होते    हैं |  सड़कों   के   किनारे   लगे   कूडे  करकट   के   ढेर   अनेकों  रोगों  को   जन्म   देते   हैं  |

{12} चलती  गाड़ियों  और   मिलों  से   पैदा   होनेवाला   शोर   भी   स्वास्थ्य  के   लिए   हानिकारक   है  | इससे  ब्लड़ -प्रेशर   बढ़   जाता  है  ,  गुस्सा   बढ़ता   है  और  पेट   में   फोड़ा   तक   हो   सकता   है  |

{13} अक्सर  परमाणु  शास्त्रों  का   परीक्षण   होता   रहता   है  इससे  हानि-कारक  विकरणों  की   मात्रा  दिन-प्रतिदिन    बढ़ती   जा   रही   है  |

नोट  :-  सभी   देशों   के   वैज्ञानिक   आज   ऐसे   उपाय   खोजने   में   लगे  है   जिनको   प्रयोग   में   ला  कर   जल , वायु ,  ज़मीन   का  प्रदूषण   कम   किया    जा   सके  |

संकलन :-   फीचर  डेस्क 

जय   हिन्द   !  जय   हमारा   भारत   |   

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