Home कविताएं प्रेरणादायक कविता ‘प्रतिकूलताओं से क्यों घबराना’ ,’इस्तकबाल करो उनका !

‘प्रतिकूलताओं से क्यों घबराना’ ,’इस्तकबाल करो उनका !

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‘प्रतिकूलताओं   से  क्यों  घबराना’ , ‘ये जीवन  जीने  की  कला  सिखाती  हैं ‘,

‘यदि  तुम  विषम  परिस्थितियों  में  फंस  गए’ ,तो ‘मानो  प्रभु  बड़े  दयालु  हैं ‘,

‘तुम्हें  अपनी  आंतरिक  शक्ति  को  पहचानने  का’  ‘प्रभु  ने  मौका  दे   दिया ‘ ,

आगे  बढ़ो’ , ‘उनका  इस्तकबाल   करो’ , ‘सुखद  मौसम  तुम्हें  निहार  रहा  है’ |

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