Home कविताएं प्रेरणादायक कविता ‘पुरुषार्थ ‘ करते रहो जब तक जियो !

‘पुरुषार्थ ‘ करते रहो जब तक जियो !

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‘मेरे हाथो को’ ‘यूं मत झटकिये ‘जनाब,’आज भी’ ‘कुछ काम ‘ किया करता हूँ |
‘दुआएं मांगता हूँ’ ‘तुम्हारे पुरषार्थ की’ ,’सेहत की’,’इंसानियत की’, ‘कुछ कर दिखाने की’ |

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