परिश्रम

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रोना धोना बंद  कर , पक्षियों  की  तरह  गुंन गुनाना सीख ,

कोयल  अपनी  तान सुनाकर मन  को  जीत  लेती  है ,सुना  होगा ,

उलझनों  का पिटारा  सबके  सिर  पर है , घबराना  शोभा  नहीं  देता ,

प्रयास  पर  प्रयास  करता  चल , लक्ष्मण  बूटी  भी  मिल  जाएगी  |

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