Home जीवन शैली ‘परिवर्तन संसार का सुंदर प्रारूप है’ ‘ तू भी ढलना सीख’ !

‘परिवर्तन संसार का सुंदर प्रारूप है’ ‘ तू भी ढलना सीख’ !

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‘कामना   पूर्ति   करने  की  अधेड्बुन  में ‘, ‘ प्राप्त  शांति  भी  भंग  हो  जाती  है ‘ ,

‘एक  कामना  पूरी   होने   से   पूर्व ‘, ‘ अनेकों  नई   विधाएँ   जन्म  ले  लेती  है’ ,

‘ऐ  पापी  मन’  ! ‘कहीं  तो  ठहर’ ,’शांति का अहसास  कर’ , ‘डावांडोल  मत  रह’  ,

” परिवर्तन ”  ‘संसार   का   सुंदर   प्रारूप  है ‘ , ‘तू ‘ , ‘समरसता   खुद  में   ढाल ‘ |

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