Home कविताएं धार्मिक कविताएँ परमात्मा की शरण में जा , कृपा भी मिल जाएगी !

परमात्मा की शरण में जा , कृपा भी मिल जाएगी !

0 second read
0
0
1,138

‘जो भी’ ‘परमात्मा’ की ‘शरण मे’ जाता है,’कृपा’ ‘अवश्य ‘ मिलती है ,
‘जब वो देता है’ ,’धर्म’,मत’, संप्रदाय, ‘विश्वास’, ‘कुछ भी नहीं देखता’ |

Load More Related Articles
Load More By Tarachand Kansal
Load More In धार्मिक कविताएँ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

[1] जरा सोचोकुछ ही ‘प्राणी’ हैं जो सबका ‘ख्याल’ करके चलते हैं,अनेक…