Home कविताएं ” धैर्य , प्यार , सम्मान ,आत्मविश्वास की ज्योति जलाए रख ‘|

” धैर्य , प्यार , सम्मान ,आत्मविश्वास की ज्योति जलाए रख ‘|

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[1]

‘कहीं  धैर्य , कहीं  प्यार  तो  कहीं  सम्मान’ ,
‘आत्मविश्वास  के  प्रतीक  हैं ‘,
‘अधीरता  इन  सबको  भगा  देगी’ ,
‘अपंग  हो  कर  जिओगे  सारी  उमर’|

[2]

‘मैं  वो  हूँ ‘,’मैं  ये  हूँ’,’ मैं  अपनी  मैं  में  ही  जीता  रहा  सदा ‘,
‘अपनी  ‘मैं’ से  निकल  जाता  तो’ ,’समुन्नत  जीवन ‘जी जाता ‘|

[3]

‘यदि  बीता  हुआ  कल’ ‘ निराशा  मे’ ‘बीत  गया ‘  हो ,
‘आने  वाले  कल ‘ का ‘सपना’ ‘बर्बाद  मत  करो ‘ भाई ,
‘आपका जीवन’ ‘ बहुमूल्य है’, ‘कोई सानी नहीं जिसका’ ,
‘गिरकर’ ‘हारना  नहीं’, ‘अपने  होसले’ को ‘बुलंद कर’ केवल |

[4]

‘शादी  करके  खतरों  से  खेल  गया’ ,
‘बड़ा  बहादुर  है ‘,
अब  ताउम्र  का  आनंद  टैक्स  लग  गया ‘,
‘कैसे  बचेगा  ये  बता ‘?

[5]

‘जहां  रिस्ते  तो  हैं  परंतु  ‘इज्जत’  नहीं ‘,
‘जल्दी  खतम  हो  जाएंगे  रिस्ते ‘,
‘स्नेह  की  डोर  ढीली  पड़ते  ही ‘,
‘कुछ  भी  नहीं  बचता  यहाँ ‘|

[6]

‘अगर  कोई  दर्द  दे’कुछ  मत  कहो, ‘
‘सिर्फ  मुस्कराओ ‘,
सोचो  ! प्रभु  ने  उससे  अच्छा  दोस्त 
ढूँढने  का  मौका  दे  दिया ‘|

[7]

‘फूलों  की  अदावत’ 
‘दुनियाँ  में  अनोखी  है’,
‘कोई  ‘बारात’  हो  या  ‘जनाज़ा’,
‘आते  जरूर  हैं ‘|

[8]

‘शब्द  तो  कोई  भी  लिख  देगा’,
‘जज़्बात’  बयां  नहीं  होते ‘,
‘जज़्बात  बयां  करना’,
‘दिल  निकाल  कर  रखना’ सरीखा  है ‘|

[9]

‘नाराज़  होने  से  पहले  हमारी  गल्ती  का  अहसास  तो  करा  देते ‘,
‘हम  भी  तो  समझ  लेते’ ,’क्या  पक  रहा  है  आपके  दिल  में ‘|

[10]

‘नरम निगाहों से हम ताकते रहे,’शायद दिल पसीजेगा उनका ‘,
‘वो  पत्थर  दिल  बने  रहे ,’ घायल  करके  चले  गए  हमको ;|

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