Home हमारा देश ‘देश के हालात जर्जर हैं ‘ “जल्दी संभालो रहनुमाओं “|

‘देश के हालात जर्जर हैं ‘ “जल्दी संभालो रहनुमाओं “|

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अतिक्रमण  के   कारण   सड़कें  तंग  व  खराब  , खस्ता   होती  जा  रही  हैं  ,

सड़कों  पर  भारी  ज़ाम  लगता  है  ,  पानी  नलों   से  गायब  ही  हो  गया  है ,

अपराध  देश  में  बढ़ते  जा  रहे  है  ,  नये  से  नए   पाप   उभरते  जा  रहे  हैं ,

अत्याचार ,  बलात्कार  , व्यभिचार  ,   नित   नए   परचम    लहराते    हैं  ,

दंगा-फसाद ,  प्रांतवाद , भाषावाद , जातिवाद ,  जड़   गहरी   बनाए  बैठे   हैं ,

पूरे   देश   का   अस्तित्व  -न   जाने   किस   दिशा   में   घूमा   जा   रहा   है।,

घोटालों  का  साम्राज्य  आज  भी  है  जिससे  जन  जीवन   अस्त-व्यस्त  सा  है ,

सरकारी उदघोष  रोज़  होते  हैं  परंतु  उनका  पालन  बड़ी  मुस्किल   से  होता  है ,

प्रधान  मंत्री   जी , देश    को   उन्नत   करने   की   स्वप्न    धरा   रह   जाएगा  ,

कानून  की  गोली  को  असली  जामा  पहनाओ , लट्ठ  घुमाओ  तभी  सुधारेगा ,

देश  में  इतनी  गिरावट  है , यदि  देर  लगी  तो  सुधारने  में  उम्र  लग  जाएगी  | 

 

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