Home कविताएं ‘दुनियादारी के कुछ तजुर्बे ‘ आनंद लीजिये जनाब !

‘दुनियादारी के कुछ तजुर्बे ‘ आनंद लीजिये जनाब !

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[1]

‘दर्द  देने  वाले  अनेकों  मिल  जाएंगे ,सहलाने  वाले  नहीं  मिलते ‘,
‘अगर घर में आग लग जाए तो ,बुझाने वालों को ढूंढते रह जाओगे ‘|

[2]

‘उम्र छोटी थी उलझनें ज्यादा’,’सुख की तलास में उम्र निकल गयी ‘,
‘ सुख  का  सुख  जब  लेने  लगा ‘ ,’ उम्र  धोखा  दे  गयी  मुझको ‘|

[3]

‘ अजब  दस्तूर  है -कितनी  भी  सुंदर  बात  की  जाए  , मानते  ही  नहीं  ‘,
‘अगर  ज़रा  सी  बात  हल्की  रह  जाए ,बुरा  मानने  में  देर  नहीं  करते ‘|

[4]

‘वर्तमान  उधार  रख  कर  खुशी  खरीदेगा  ”तो  पछताएगा ‘,
‘खुशी  तो  आज  हाजिर  है’ ,’कल  किसने  देखा  है  जनाब ‘|

[5]

‘सही  दिशा  मे  की  गयी  मेहनत  अपना  रंग  दिखाती  जरूर  है ‘,
‘कुछ  नया  करने  की  राह ,मुकाम  पर  पहुँच  कर  ही  रुकती  है ‘|

[6]

‘ जो  रब  की  रज़ा  में राज़ी पाये जाते हैं, मस्त  होते  हैं ,’
‘ उन्हीं  की  जिंदगी  असली  नज़रों  से  भरपूर  रहती  है ‘|

[7]

‘एक व्यक्ति तरक्की करता है’,’दुसरे ने जिंदगी भर मेहनत की ,फिर भी कमजोर’ ,
‘यह  सिर्फ सकारात्मक  या नकारात्मक सोच  का  दांव  पेंच है ,बाकी  कुछ  नहीं ‘,
‘ दूसरों  को  कोसना , निंदा  करना ‘, ‘खुद  की  लापरवाही  का  नमूना  है  केवल ‘,
‘ अपने  वर्तमान  को  नकारात्मक  रवैये  की  भेंट  करना  बंद  करो  मित्रों  ‘|

[8]

‘व्रत , खेलकूद , व्यायाम , मालिस , व  नित्य  स्नान  हमारी  जरूरत  हैं’ ,
‘ये  नित्य  प्रयोग  करके  कई  बीमारियों  को काबू  किया  जा सकता  है’ , 
‘यदि  आप  स्वम  लगातार  प्रयास  करें तो  सभी अभियस्त  हो  जाएंगे ‘,
‘गर  पैर गरम, पेट  नरम , सिर  ठंडा  रक्खोगे  तो  बीमारी भाग जाएगी’ |

[9]

‘जब वर्तमान में कोई दुःख आता है’ , बीता समय भी याद आता है ‘,
‘हमारे मन में कोई गांठ नहीं होती’ ,’ सिर्फ याद का  झरोखा  सा  है’ ,
‘यदि  अतीत  भूलते  गए  तो’ ‘सभी  दुःख  स्वम  दूर  होते  जाएंगे’ ,
‘बर्ताव से दुःख/दर्द निर्मित होता है’,’बदलाव’ ही ‘शुभ संकेत देता है’ |

 

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