Home Uncategorized ‘दया-भाव,नेकियाँ,आदर करना ,समयानुसार बदलना सीखिये और ‘नागरिकता कानून’ का पालन करें ‘|

‘दया-भाव,नेकियाँ,आदर करना ,समयानुसार बदलना सीखिये और ‘नागरिकता कानून’ का पालन करें ‘|

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[1]

‘हर  जीव  में  ‘दया  भाव’ और ‘मैत्री  भाव’ सच्चा  धर्म  है,
”यू  जीने  को  सभी  जीते  हैं ,’ उसे  जीना  नहीं  कहते ‘ !

[2]

‘जो  नेकियां  करके  भूलता  रहा,
‘देवकीनंदन  का  हो  गया ,
‘जिसने  संसारी  उलझनों  को  छोड़ा,
‘भवसागर  पार  कर  गया’ !

[3]

‘दूसरों  का  आदर  करना’ ‘नम्रता  से  बोलना’ ‘शुक्रिया  अदा  करना’
‘सबका  लाड़ला  बना  देगा  तुझे ,’समुन्नत  जीवन  की  यही  पहचान  है’ !

[4]

‘सदा  उनका  सम्मान  कीजिए, ‘जो  उसके  अधिकारी  हैं ,
‘कभी  सम्मान  उनका  नहीं, ‘जो  इसकी  मांग  करते  हैं’ !

[5]

नागरिकता  कानून
‘जनता  की  गलतफहमी  दूर, और ‘झूठ  का  दुष्प्रचार ,बेनकाब  होना  चाहिए,
‘सौहार्द  के  ताने – बाने  को  सियासत  हेतु  तार – तार  मत  करो  भाई,
‘झूठ  के  झाड़  से , सच  के  पहाड़  को , हम  छुपा  नहीं  सकते ,
‘ भरम  और  भय  का  भूत  खड़ा  करना, नागरिकता  कानून  की  अवहेलना  है’ !

[6]

नागरिकता  कानून
‘झूठ  के  पैर  नहीं  होते ,वह  सदा  नीचे  ही  गिरता  देखा  है ,
‘दोस्तों  ‘सत्यमेव  जयते’ की  जगह ‘झूठमेव  जयते’ कहना  उचित  नहीं,
‘शांति  और  सौहार्द’ द्वारा  ‘दुष्प्रचार  के  दानवों’ से  देश  बचाओ,
‘यह  कानून  जरूरतमंदों  को  नागरिकता  देता  है, छीनता  नहीं’ !

[7]

‘यारों  तुमने  दिल  में  जगह  दे  दी,
‘जन्नत  मिल  गई  समझो,
‘हर  किसी  को  मोहब्बत  नहीं  मिलती,
‘मैं  किस्मत  वाला  हूं  जनाब’ !

[8]

‘बिना  समझे  किसी  की  निंदा  करने  लगे ,’तो  उसे  खो  दोगे,
‘बडाई  करने  से  पहले  भी  सब  को  परख  लेने  की  जरूरत  है’ !

[9]

‘जिंदगी  को  समझिये , ‘ परेशानियों  से  लडिये , जीवन  को  बदलिये,
‘दुनियादारी  को  मत  जोड़िये, ‘ध्यान  रखना  सिर्फ  सुकर्म  साथ  जाएंगे’ !

 

 

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