Home कविताएं देशभक्ति कविता तिरंगा सिर्फ रेशम का टुकड़ा नहीं

तिरंगा सिर्फ रेशम का टुकड़ा नहीं

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‘तिरंगा’ ‘ सिर्फ रेशम का टुकड़ा नहीं’, ‘जिसके लिए’ ‘हम लड़ते-मरते हैं’ ,
‘यह देश की पहचान है’ , ‘हमारा सम्मान है’ , गौ’रव की गाथा है ‘,
‘यह वो तिरंगा है’ ‘ जिसके लिए’, ‘सैनिक’ ‘जान की बाज़ी लगाते हैं’ ,
‘तिरंगे’ की ‘शान-बान ‘ और ‘ राष्ट्र-गान’ पर ‘ सारा देश’ ‘ नत-मस्तक है’ |

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