Home कविताएं प्रेरणादायक कविता ‘जो उलझनों से ड़र गया ‘, ‘मर गया समझो उसे ‘ ‘|

‘जो उलझनों से ड़र गया ‘, ‘मर गया समझो उसे ‘ ‘|

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‘जो   उलझनों    से   ड़र    गया ‘ , ‘उसे    मर    गया    समझो ‘  ,

‘जो ‘,’ तूफानी  हिम्मत   रख   आगे  बढ़ा’ ,’ वो  ही  सिकंदर   है ‘ |

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