Home ज़रा सोचो ‘जिसने खुद को जान लिया’ ,’किसी ओर को’ ‘जानने की ज़रूरत नहीं’

‘जिसने खुद को जान लिया’ ,’किसी ओर को’ ‘जानने की ज़रूरत नहीं’

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‘जिसने खुद को जान लिया’ ,’किसी ओर को’ ‘जानने की ज़रूरत नहीं’ ,
‘मन के हारे हार है’ ‘ मन के जीते जीत’, ‘कहावत नहीं – ‘हकीकत ‘ है’ ,
‘मन मे उभरती इच्छाओं ‘ को ‘ मारना सीखो’ , ‘जल्दी सुधर जाओ’ ,
‘जब चिड़िया चुग गयी खेत फिर पछताए क्या हॉत ‘ भी ‘ हकीकत है’ |

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