Home कविताएं ‘छोटी बातों पर भी ध्यान देना चाहिए ‘ |

‘छोटी बातों पर भी ध्यान देना चाहिए ‘ |

2 second read
0
0
809

[1]

‘झूठ’  को  सही  साबित  करने  के  लिए,
‘ऊँची  आवाज़  करते  हैं  सभी,
‘सत्य’  धीरे  भी  कहोगे  तो  भी,
‘दुनियाँ  में  आवाज़  गूँजती  है’|

[2]

‘प्रेम  पुजारी  बनों , प्रार्थना  भी  करो,
‘छमा-दान  भी  मांगो’,
‘भूल  मत  जाना’,’उसकी  दया ,
सब  पर  बरसती  है ‘|

[3]

‘किसी  स्थिति  में  या  किसी  अभिव्यक्ति  में  विचलित  मत  होना ‘,
‘दोनों  इस  बात  कर  निर्भर  हैं  की ‘ आप  कदम  क्या  उठाते  हैं ; ?

[4]

‘आत्मा  या  परमात्मा  दुनियाँ  नहीं  चलाते ,’ हमारे  कर्म  चलाते  हैं ;,
‘जैसा  कर्म  करेगा  प्राणी  वैसा  ही  फल  पाएगा’ सही चरितार्थ  होता  है ‘|

[5]

‘मार्ग-दर्शक  जरा  सही  मिल  जाए ,’बडा  काम  कर  देता   है  वो’,
‘भटकना  नहीं  पड़ता ,’ मन  व्यवधानियों   से  बचा  रहता  है ‘|

[6]

‘यह  सोचना  गलत  है  आप  जितना  प्यार  करते  है  उतना  वो  नहीं ‘,
‘सबके  दिलों  में  फफोले  हैं,अहसास  अलग  हैं ,सोच  भी  कमजोर  है ‘|

[7]

‘दरिया’  तो  बन  गए  परंतु ,’जरिया’  बनने  की  कोशिश  नहीं  करते ‘,
‘दरिया’ में  डूब  सकते  हैं  परन्तु ‘जरिया’ किसी  का  घर  बसा  देगा ‘|

[8]

‘राधा  ने  कृष्ण  को  कभी  नहीं  बांधा,
‘फिर  भी  खिंचे  चले  आए ‘,
‘यही  प्रेम  की  पराकाष्ठा  है ‘|

[9]

‘जिस मुकाम पर ‘दुःख’ आया ,हम वहीं पर अटक गए’,
जब ‘सुख’ आया  तो  रास्ते  से  भटक  गए, गजब ‘|

[10]

‘दादा-दादी  के  लिए  पोते-पोतियाँ
आक्सीजन  की  तरह  होते  हैं ,
‘उनका  स्नेह  ममतामय ,मंगलमय ,
आनंदमय  बनाता  है ‘|

Load More Related Articles
Load More By Tarachand Kansal
Load More In कविताएं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

[1] जरा सोचोकुछ ही ‘प्राणी’ हैं जो सबका ‘ख्याल’ करके चलते हैं,अनेक…